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Saturday, 5 May 2018

PM Narendra Modi in Gadag says, 'After May 15 Congress will become PPP Congress | VIDEO : पीएम मोदी बोले

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गडग (कर्नाटक) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को चुनावी रैली में कांग्रेस और जेडीएस पर तीखे हमले बोले. पहले तुमकुर में और बाद में गडग की चुनावी रैलियों में उन्‍होंने दोनों पार्टियों पर जमकर निशाना साधा. प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस और जेडी (एस) के बीच ‘गुप्त’ समझौता हुआ है और एचडी देवगौड़ा की पार्टी कांग्रेस का ‘बचाव’ कर रही है. मोदी ने यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस वर्षों से सिर्फ वोट बटोरने के लिये गरीबी हटाने की बात करती रही है जबकि असल में उसने किसानों और गरीबों की अनदेखी की .


कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्‍होंने कहा, 15 मई के बाद कांग्रेस पार्टी, पीपीपी कांग्रेस बन जाएगी. पीएम मोदी ने पीपीपी का अर्थ बताते हुए कांग्रेस को पंजाब, पुडुचेरी और परिवार कांग्रेस से जोड़ा. इन चुनावी रैलि‍यों में प्रधानमंत्री ने जेडीएस पर भी तीखा हमला बोला.


कर्नाटक चुनाव में जीत के लिए पीएम मोदी के समर्थकों ने निकाला अनूठा तरीका


उन्होंने कहा, ‘चुनावी सर्वेक्षण, राजनीतिक पंडित... हर किसी का यही कहना है कि जेडी (एस) कांग्रेस को नहीं हरा सकती. वे सरकार नहीं बना सकते. अब कर्नाटक में कोई सरकार बदल सकता है तो वह भाजपा है.’’ उन्होंने कहा, ‘अगर कोई कांग्रेस का बचाव कर रही है तो वह जेडी (एस) है. कांग्रेस और जेडी (एस) के बीच गोपनीय समझौता हुआ है. पर्दे के पीछे से साझेदारी चल रही है.’ मोदी ने कुछ ही दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री एवं जेडी (एस) के वरिष्ठ नेता एचडी देवगौड़ा की प्रशंसा की थी, लेकिन उन पर निशाना साधा.



मोदी ने मांग की कि कांग्रेस यह साफ करे कि उसका जेडी (एस) के साथ कोई गुप्त समझौता हुआ है या नहीं. उन्होंने कहा कि देवगौड़ा की पार्टी के समर्थन से ही कांग्रेस बेंगलुरु में अपना महापौर बना पायी. मोदी ने कहा, ‘आखिर आप यह छिपा क्यों रहे हैं? कांग्रेस को इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि वह जनता से सच बोले.’ हालांकि मोदी ने जोर देकर कहा कि वह देवगौड़ा का सम्मान करते हैं. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले देवगौड़ा ने घोषणा की थी कि अगर वह (मोदी) प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह (देवेगौड़ा) आत्महत्या कर लेंगे.


VIDEO : पीएम मोदी ने कर्नाटक चुनाव प्रचार में क्‍यों किया 'लाल मिर्च, हरी मिर्च और आलू' का जिक्र


प्रधानमंत्री ने कहा कि देवगौड़ा ने उनका विरोध किया था, बावजूद इसके जब वह लोकसभा चुनावों में चुनाव प्रचार के लिये कर्नाटक पहुंचे तब उन्होंने यही कहा था कि जेडी (एस) नेता 100 साल जियें और समाज की सेवा करें. मोदी ने बीते मंगलवार को उडुपी में एक जनसभा के दौरान देवगौड़ा की प्रशंसा की थी और पूर्व प्रधानमंत्री का ‘अनादर’ करने के लिये कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की थी. लेकिन दो दिन बाद ही बेंगलुरु में एक जनसभा में मोदी ने लोगों से कहा कि वे देवगौड़ा की पार्टी का समर्थन कर अपना वोट ‘बर्बाद’ नहीं करें क्योंकि चुनावों में यह पार्टी ‘बेहद खराब प्रदर्शन करते हुए तीसरे नंबर पर रहने वाली है.’


उन्होंने आरोप लगाया कि तुमकूर के पिछड़ेपन के लिये कांग्रेस जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य की पिछली कांग्रेस सरकारों की नीतियों के चलते किसानों को नुकसान झेलना पड़ा . मोदी ने कहा, ‘कर्नाटक के बेहतर भविष्य के लिये कांग्रेस को सबक सिखाना जरूरी है.’




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परमाणु समझौते पर इजरायल ने खोला ईरान के खिलाफ मोर्चा, नेतन्याहू की पीएम मोदी सहित कई नेताओं से वार्ता

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ईरान ने परमाणु कार्यक्रमों पर रोक लगाने को लेकर वर्ष 2015 में अमेरिका एवं पांच विश्वशक्तियों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके बदले में उसे प्रतिबंधों से राहत मिली थी.





परमाणु समझौते पर इजरायल ने खोला ईरान के खिलाफ मोर्चा, नेतन्याहू की पीएम मोदी सहित कई नेताओं से वार्ता

भारत दौरे पर पहुंचे इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से नई दिल्ली में एक मुलाकात के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी. (फाइल फोटो)







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Friday, 4 May 2018

कर्नाटक में पहली बार: 215 सीटों को कवर करने की कोशिश करेंगे मोदी, लिंगायतों का रुख अभी साफ नहीं

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बेंगलुरु. इस बार कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में कई बातें पहली बार हो रही हैं। अगर ये राज्य सत्ताधारी कांग्रेस के हाथ से निकल गया तो पार्टी सिर्फ दो राज्य पंजाब और पुडुचेरी में सिमट कर रह जाएगी। भाजपा ने अपनी रणनीति में बदलाव लाते हुए मोदी की रैलियों की संख्या 15 से बढ़ाकर 21 कर दी हैं। कर्नाटक चुनाव में किसी प्रधानमंत्री की ये अब तक की सबसे ज्यादा चुनावी रैलियां होंगी। उधर, सरकार बनाने में अहम रोल निभाने वाले लिंगायत समुदाय ने पहली बार अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं, ऐसा पहली बार हो रहा है कि भाजपा को घेरने के लिए जनता दल सेकुलर और बसपा ने गठबंधन किया है। इस चुनाव में पहली बार क्या हो रहा है?


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Pm Modi Is Making Bjp Wave In By Rallies In Karnataka - कर्नाटक चुनाव: मोदी की रैलियों से बीजेपी की लहर बनाने की कोशिश

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कर्नाटक के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुरुआत में केवल 12 रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई थी। लेकिन जैसे जैसे प्रचार जोर पकड़ रहा है, मोदी की रैलियों की संख्या बढ़ती जा रही है। पहले 12 से बढ़कर 15 हुई, उसके बाद 18 और अब यह तय हुआ है कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री की कुल 21 रैलियां आयोजित कर बीजेपी की लहर बनाई जाए।

फिलहाल वे एक दिन छोड़कर कर्नाटक का दौरा कर रहे हैं। लेकिन मतदान के पास आने पर वे रोज कर्नाटक जाएंगे। चूंकि प्रधानमंत्री की हर रैली में दो लाख से तीन लाख लोग आ रहे हैं, पार्टी को विश्वास है कि इन रैलियों से उन्हें सुनिश्चित बढ़त प्राप्त होगी।

प्रधानमंत्री केवल रैलियां ही संबोधित नहीं कर रहे हैं। जिस दिन वे कर्नाटक नहीं जा पा रहे हैं उस दिन वे नमो ऐप के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हैं। कभी युवाओं से, कभी महिलाओं से तो कभी व्यापारियों से। इससे न सिर्फ कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हो रहा है बल्कि प्रधानमंत्री स्वयं जमीनी हकीकत से रोज रूबरू हो रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है कि बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी का चुनाव में इतना ज्यादा इस्तेमाल कर रही है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर में उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र वाराणसी के गली-मोहल्लों की पदयात्रा कर धूम मचा दी थी। विपक्ष जिसे मोदी की घबराहट का प्रतीक बता रहा था, उसी रणनीतिक कदम की वजह से बीजेपी को सहयोगियों के साथ उत्तर प्रदेश की 403 में से 325 सीटें मिली थी।

इसी तरह उन्होंने त्रिपुरा, असम, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड आदि राज्यों के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अपनी सक्रियता बढ़ा दी थी। लेकिन दक्षिण भारत का द्वार होने के नाते कर्नाटक का महत्व अलग है। यहां मिली बड़ी जीत अगले साल के लोकसभा चुनाव पर भी असर डालेगी। इसीलिए, यूपी के बाद मोदी सबसे ज्यादा प्रचार कर्नाटक में ही कर रहे हैं।


बीजेपी की कोशिश कांग्रेस के अहिंदा (अल्पसंख्यक, हिंदूइदावरू यानी ओबीसी और दलित) के गढ़ में सेंध लगाने की है। उन्हें उम्मीद है कि उसके दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंक का एक हिस्सा जद (स) को जाएगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया स्वयं पिछड़ी कुरुबा जाति से हैं। प्रधानमंत्री मोदी उसके ओबीसी कार्ड का मजबूत काट हैं।

दक्षिण का मायाजाल

बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि दक्षिण कर्नाटक की फिलहाल जद (स) बनाम कांग्रेस लड़ाई को यदि वे त्रिकोणीय बना सकें तो चुनावी नतीजे अलग ही आएंगे। यहां 10 से 12 सीटें जीतने के लिए बीजेपी को मोदी का ही सहारा है।

लिंगायत कार्ड

पार्टी का मानना है कि कांग्रेस अंतिम अस्त्र के तौर पर बीजेपी की केंद्र सरकार पर लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा देने वाले राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी न देने का आरोप लगाएगी। लेकिन बीजेपी के भरोसा है कि इससे उन्हें अधिक नुकसान नहीं होगा।
 



कर्नाटक के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुरुआत में केवल 12 रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई थी। लेकिन जैसे जैसे प्रचार जोर पकड़ रहा है, मोदी की रैलियों की संख्या बढ़ती जा रही है। पहले 12 से बढ़कर 15 हुई, उसके बाद 18 और अब यह तय हुआ है कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री की कुल 21 रैलियां आयोजित कर बीजेपी की लहर बनाई जाए।


फिलहाल वे एक दिन छोड़कर कर्नाटक का दौरा कर रहे हैं। लेकिन मतदान के पास आने पर वे रोज कर्नाटक जाएंगे। चूंकि प्रधानमंत्री की हर रैली में दो लाख से तीन लाख लोग आ रहे हैं, पार्टी को विश्वास है कि इन रैलियों से उन्हें सुनिश्चित बढ़त प्राप्त होगी।

प्रधानमंत्री केवल रैलियां ही संबोधित नहीं कर रहे हैं। जिस दिन वे कर्नाटक नहीं जा पा रहे हैं उस दिन वे नमो ऐप के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हैं। कभी युवाओं से, कभी महिलाओं से तो कभी व्यापारियों से। इससे न सिर्फ कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हो रहा है बल्कि प्रधानमंत्री स्वयं जमीनी हकीकत से रोज रूबरू हो रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है कि बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी का चुनाव में इतना ज्यादा इस्तेमाल कर रही है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर में उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र वाराणसी के गली-मोहल्लों की पदयात्रा कर धूम मचा दी थी। विपक्ष जिसे मोदी की घबराहट का प्रतीक बता रहा था, उसी रणनीतिक कदम की वजह से बीजेपी को सहयोगियों के साथ उत्तर प्रदेश की 403 में से 325 सीटें मिली थी।

इसी तरह उन्होंने त्रिपुरा, असम, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड आदि राज्यों के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अपनी सक्रियता बढ़ा दी थी। लेकिन दक्षिण भारत का द्वार होने के नाते कर्नाटक का महत्व अलग है। यहां मिली बड़ी जीत अगले साल के लोकसभा चुनाव पर भी असर डालेगी। इसीलिए, यूपी के बाद मोदी सबसे ज्यादा प्रचार कर्नाटक में ही कर रहे हैं।






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ओबीसी बनाम ओबीसी







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Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 07:09 PM IST



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 

वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 


चीन में पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने सराहना की है। व्हाइट हाउस ने भी मोदी-जिनपिंग के बीच चीन के वुहान शहर में हुई बैठक को समर्थन देते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि दुनिया के नेता आपस में मिल रहे हैं। 

चीन में इस दो दिनी अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग सैन्य व सुरक्षा मामलों में संचार व्यवस्था को सुधारने पर सहमत हुए थे। शिखर सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दोनों देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं ओर हम इसे इसी तरह आगे भी जारी रखना चाहते हैं। मेरा मानना है कि विश्व नेताओं के एक साथ आने से चीजें हमेशा ठीक हों। हम यदि सहयोग कर सकते हैं तो निश्चित तौर पर यह अच्छी बात होगी। 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 


वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 






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व्हाइट हाउस ने की मोदी और शी बैठक की सराहना







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राहुल गांधी ने पीएम मोदी से किया सवाल- भ्रष्ट येदियुरप्पा को क्यों चुना सीएम कैंडिडेट

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नई दिल्ली: कर्नाटक में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में लगे राहुल गांधी लगातार बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साध रहे हैं. शुक्रवार को एक बार फिर उन्होंने अपनी जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान कलगी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं. इस दौरान एक ओर जहां उन्होंने कर्नाटक की मौजूदा सिद्दारमैया सरकार के कामों की तारीफ की तो वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार बी एस येदुरप्पा पर निशाना भी साधा. राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा, "मोदी जी मेरे बारे में उल्टी सीधी बात करते हैं कि मुझे भाषण देने नहीं आता. मोदी जी जो कहना चाहे कहें. वो मेरे प्रधानमंत्री हैं मैं उन पर पर्शनल अटैक नहीं करुंगा. लेकिन मेरा हक है सवाल पूछने का वो मैं करुंगा. क्यों येद्दुरप्पा जैसे भ्रष्ट को मुख्यमंत्री बनाया. अमित शाह ने भी येद्दुरप्पा को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री कहा... तो उनको मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार क्यों बनाया."


जो आप बोल रहे हो उसे करके दिखाओ
कलगी में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी जो आप बोल रहे हो उसे करके दिखाओ. नीरव मोदी पैसा ले कर भाग गया. मोदी जी किसानों का कर्जा क्यों नहीं माफ करते. मैंने जब सिद्दारमैया जी से पूछा कि क्या किसानों का पैसा माफ हो सकता है. सिद्दारमैया जी ने 10 दिन के भीतर किसानों का 8 हजार करोड़ रुपये माफ कर दिया. आप लिख के ले लीजिये मोदी कभी भी किसानों का कर्जा माफ नहीं करेगें."


कर्नाटक में कोई भी भूखा नहीं है
अपने भाषण में आगे उन्होंने कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार की तारीफ करते हुए कहा, "कर्नाटक ने लगभग 90 प्रतिशत किए हुए वादे पूरे किए हैं. कर्नाटक में कोई भी भूखा नहीं है. गुजरात में भूखे लोगों की लाइन लगी हुई है. इंदिरा कैंटीन में गरीब से गरीब व्यक्ति भर पेट खाना खा रहा है. कर्नाटक में लड़कियों की शिक्षा हम फ्री में दिलवाते हैं."


मोदी जी चुप रहते हैं
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, "बेटी बचाओ बीजेपी के एमएलए से. मोदी जी का एमएलए उन्नाव में एक महिला से रेप करता है. मोदी जी चुप रहते हैं. कठुआ में एक बच्ची से रेप होता है और मोदी जी चुप रहते हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री देश से बाहर जाता है और उससे कहा जाता है कि तुम भारत में महिलाओं की रक्षा नहीं कर सकते. ये शर्म की बात है."


सिद्दारमैया जी किसी पर पर्शनल अटैक नहीं कर सकते
राहुल गांधी ने अपने भाषण में आगे कहा, "सिद्दारमैया जी किसी पर पर्शनल अटैक नहीं कर सकते. मोदी जी के मंत्री भी कर्नाटक की रोडों (सड़कों) की तारीफ करते हैं. मोदी जी मेरे बारे में उल्टी सीधी बात करते हैं कि मुझे भाषण देने नहीं आता. मोदी जी जो कहना चाहे कहें. वो मेरे प्रधानमंत्री हैं मैं उन पर पर्शनल अटैक नहीं करुंगा. लेकिन मेरा हक है सवाल पूछने का वो मैं करूंगा. क्यों येदियुरप्पा जैसे भ्रष्ट को मुख्यमंत्री बनाया. अमित शाह ने भी येद्दुरप्पा को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री कहा... तो उनको मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार क्यों बनाया."


2019 में कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने अगले लोकसभा चुनावों का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा करते हुए कहा, "2019 में कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी. 371 J का विरोध बीजेपी ने किया था. कर्नाटक के लोगों को लाखों रुपये 371 J से मिलता है. हमारी लड़ाई ये है कि कर्नाटक की जनता का जो पैसा है. वो आपको वापस दिलाया जाए. लगभग 35 हजार करोड़ रुपये जो कि जनता का पैसा है, वो मोदी के मित्र गटक गए." राहुल गांधी ने आगे (रेड्डी ब्रदर्स पर इशारा करते हुए) कहा, "चोरों को हम विधानसभा के अंदर नहीं घुसने देंगे."


दुनिया में पेट्रोल के दाम गिरते जा रहे हैं
राहुल गांधी ने पेट्रोलियम के दामों पर बात करते हुए कहा, "दुनिया में पेट्रोल के दाम गिरते जा रहे हैं. हम विदेश से पेट्रोल खरीदते हैं. लाखों-करोड़ों रुपये की बचत हो रही है. मैं सवाल पूछना चाहता हूं कि जब पूरे विश्व में पेट्रोल के दाम घट रहे हैं तो हिंदुस्तान में क्यों बढ़ रहा है. मोदी जी को अपने भाषण में जवाब देना चाहिए वो ये बचे हुए पैसे कहां जा रहे हैं. मोदी जी वो पैसे अपने 5-10 मित्रों में बांट देते हैं. वो पैसे महिआओं को क्यों नहीं मिलते."




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